शिवसेना ने तोड़ा भाजपा से गठबंधन

शिवसेना ने तोड़ा भाजपा से गठबंधन

मुंबई: महाराष्‍ट्र में शिवसेना और बीजेपी का गठबंधन टूट गया है. बीएमसी चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर पिछले कई दिनों से जारी बातचीत में दोनों पार्टियां किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकीं. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने खुद गठबंधन के टूटने के विषय में बताते हुए कहा कि अब भविष्‍य में महाराष्‍ट्र में दोनों पार्टियों के बीच कोई गठबंधन नहीं होगा.

उद्धव ने कहा कि बीजेपी ने हमारे घर में घुसकर हमें तंग किया और हमारे 25 साल बर्बाद हो गए. उन्‍होंने कहा कि अब जंग शुरू हो गई है. हालांकि उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि वर्तमान गठबंधन फिलहाल बना रहेगा.

शिवसेना का यह फैसला राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार का नाम पद्म पुरस्‍कारों की सूची में आने के एक दिन बाद आया है. शरद पवार को पद्मविभूषण से सम्‍मानित किया गया है.

इससे पहले अनिश्चितताओं के बीच 23 जनवरी को शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने बीएमसी चुनावों के लिए अपनी पार्टी का घोषणा पत्र जारी कर दिया था. ठाकरे ने कहा था कि घोषणा पत्र पार्टी द्वारा स्वतंत्र रूप से जारी किया जा रहा है क्योंकि यह शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की जयंती है. उन्होंने कहा था, ‘23 जनवरी शिवसैनिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण दिन है और हम इस दिन मुंबई के लोगों के प्रति वचनबद्ध हैं. इसलिए, हमने आज अपना घोषणा पत्र जारी करने का फैसला किया.’ बीएमसी चुनाव 21 फरवरी को होने वाले हैं.

दोनों पार्टियों के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत के बावजूद उनके बीच समझौता नहीं हो सका. दोनों पार्टियां अपने-अपने लिए बड़ी संख्या में सीटों की मांग पर अड़ी रहीं. जहां भाजपा 227 सदस्यीय परिषद में 100 से अधिक सीटों पर दावा करती रही, वहीं शिवसेना अपने सहयोगी दल की मांगों के आगे झुकने को तैयार नहीं थी.