सराकर गठन में देरी: क्या कश्मीर में लगेगा राष्ट्रपति शासन ?

सराकर गठन में देरी: क्या कश्मीर में लगेगा राष्ट्रपति शासन ?

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन करने का समय बीतता जा रहा है। अगर 19 जनवरी से पहले राज्य में सरकार गठित नहीं होती है या पार्टियों के बीच गठबंधन नहीं होता है तो यहां राष्ट्रपति शासन भी लगाया जा सकता है। राज्य के 87 विधानसभा सीटों के लिए दिसंबर में हुए चुनाव में किसी भी दल द्वारा बहुमत के आंकडे 44 तक नहीं पहुंचने के कारण यहां सरकार गठन पर राजनीतिक संकट खडा हो गया है। 

चुनाव में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी 28 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी 25 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। नेशनल कॉन्फ्रे ंस ने 15 और कांग्रेस ने 12 सीटें जीती। एनसी, कांग्रेस, माकपा, पीडीएफ और एक स्वतंत्र विधायक ने पीडीपी को भाजपा को छोड़कर राज्य में सरकार गठन करने पर विचार विमर्श करने के लिए बिना शर्त समर्थन देने का भी एलान किया था लेकिन पीडीपी ने इसके जवाब में कहा था कि राज्य में सरकार गठन करने से पहले पार्टी जनता के इच्छाओं को भी जानना चाहती है।