इंडसइंड जनरल इंश्योरेंस (पूर्व में रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड) ने मदर्स डे के अवसर पर अपना नया कैंपेन “+1 इन योर मदरहुड जर्नी” लॉन्च किया है। यह कैंपेन एक बेहद संवेदनशील लेकिन अक्सर अनदेखे सच को सामने लाता है कि मातृत्व की शुरुआत बच्चे के जन्म से नहीं, बल्कि उस पल से होती है जब एक महिला मां बनने की इच्छा महसूस करती है।

आज के दौर में जब फर्टिलिटी जर्नी आधुनिक परिवार निर्माण का अहम हिस्सा बनती जा रही है, यह कैंपेन गर्भधारण से पहले के भावनात्मक, मानसिक और शारीरिक संघर्षों पर प्रकाश डालता है। इंडसइंड जनरल इंश्योरेंस इस पहल के जरिए मातृत्व को लेकर समाज की पारंपरिक सोच को नई दिशा देना चाहता है और हर कदम पर साथ निभाने वाले साझेदार के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत करना चाहता है।

इस कैंपेन का मुख्य आकर्षण एक भावनात्मक फिल्म है, जिसकी कहानी एक फर्टिलिटी क्लिनिक में आधारित है। बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली अंदाज में फिल्म एक महिला की प्रतीक्षा, उम्मीद, धैर्य और संघर्ष को दर्शाती है। वह अपने आसपास अन्य दंपतियों को मातृत्व और पितृत्व के अलग-अलग पड़ावों से गुजरते हुए देखती है। बिना ज्यादा संवादों के यह फिल्म उन भावनाओं को बखूबी सामने लाती है, जिनसे असिस्टेड रिप्रोडक्टिव जर्नी से गुजरने वाले लोग अक्सर अकेले जूझते हैं।
इस कैंपेन की कल्पना और क्रिएटिव निष्पादन ब्रांड की क्रिएटिव एजेंसी पार्टनर सोचीर्स (Socheers) ने किया है, जिसने आधुनिक मातृत्व की भावनात्मक जटिलताओं को बेहद संवेदनशीलता और वास्तविकता के साथ प्रस्तुत किया है।