राष्ट्रीय कुली मोर्चा ने पूरे देश में किया आंदोलन शुरू, चारबाग रेलवे स्टेशन पर किया प्रदर्शन

लखनऊ
रेल मंत्रालय के आदेशों और विधि के विरुद्ध रेलवे स्टेशनों पर संचालित बैटरी कार पर लगेज रेट लिखने का कड़ा विरोध आज पूरे देश में राष्ट्रीय कुली मोर्चा के नेतृत्व में कुलियों ने किया। रेल मंत्री, सचिव रेल मंत्रालय, अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से पत्रक भेजा गया। लखनऊ में भी चारबाग स्टेशन पर सैकड़ो की संख्या में जुटे कुलियों ने विरोध प्रदर्शन किया।

राष्ट्रीय कुली मोर्चा के नेशनल कोऑर्डिनेटर राम सुरेश यादव ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि रेल मंत्रालय ने कुली मोर्चा के राष्ट्रीय नेतृत्व को लिखित रूप से सूचित किया है कि स्टेशनों पर संचालित बैटरी कार और कुलियों के कार्य दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। रेल मंत्रालय का आदेश है कि बैटरी कार असहाय, वृद्ध, बीमार और विकलांग व्यक्तियों को स्टेशन पर लाने ले जाने का काम करेंगे और कुली सामान ढ़ोने के काम को पूरा करेंगे। बावजूद इसके आज इन आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए बैटरी कार के ऊपर लगेज रेट लिखा जा रहा है और उनसे समान ढ़ोने का कार्य कराया जा रहा है। इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के लिए पूरे देश के कुली आक्रोशित हैं।

उन्होंने कहा कि कुलियों की भर्ती बाकायदा रेल मंत्रालय द्वारा विज्ञापन निकाल कर की जाती है और उनसे शारीरिक परीक्षा से लेकर तमाम प्रक्रियाएं पूरी कराई जाती हैं। आज कुलियों की आजीविका पर आघात किया जा रहा है। चंद कॉर्पोरेट घरानों और सरकार के संरक्षण में पल रहे ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए कुलियों के पूरे काम को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। बैटरी कार भी इसी का एक रूप है। इसके पहले माई कुली एप और संविदा के जरिए ट्राली प्रथा आदि कार्य रेलवे द्वारा अंजाम दिए गए हैं। यदि सरकार कुलियों के काम को खत्म करने पर आमादा है तो उसे देश का नागरिक होने के नाते कुलियों की सामाजिक और जीवन सुरक्षा का इंतजाम करना चाहिए। सरकार से अनुरोध किया कि कुलियों को रेलवे की नौकरी में समायोजित किया जाए और उनके परिवार के संरक्षण का कार्य सरकार करें। उन्होंने कहा कि नोएडा श्रमिक आंदोलन के बाद पूरे देश में मजदूरों के बारे में चिंता व्यक्त की जा रही है और केंद्र और व राज्य सरकारें तमाम निर्देश दे रही है। ऐसी स्थिति में सरकार को संवेदना के साथ कुलियों की भी न्यायोचित मांगों पर विचार करना चाहिए।

आज के कार्यक्रम का नेतृत्व जलील अहमद, मुहम्मद युनुस, मोहित अहमद, मोतीलाल, अहमद, नामदार अली, जगराम, मोतीलाल, रामआधार, कल्लन, राम प्रीति, अर्जुन प्रसाद, अवधेश यादव, गुलफाम, अकबर अली, संजीवन, कमलेश, कृष्णा,मनीष कुमार अकरम, बैजनाथ, त्रिलोकी नाथ, अरुण कुमार यादव, गुफरान, कलीम मकरानी, गोलू ठाकुर, मनीष कुमार पाण्डे, राहुल कुमार यादव,राजु यादव,कन्हैया ग्वाला, राजू कुमार,जाफर भाई, चंद्रू चलवादी, सुरेश, चंद्रू ,नदीम भाई, शेख अमीर, चंदेश्वर मुखिया ,रामजन्म यादव, बसा भाई , संतोष, शेख रहमतुल्ला आदि ।