हिंदुजा समूह का हिस्सा हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशन्स लिमिटेड (एचजीएस) की ब्रॉडबैंड इकाई वनओटीटी इंटरटेनमेंट लिमिटेड (ओआईएल) ने उत्तर प्रदेश सरकार के स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (एसटीसी) के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता राज्य में प्रोजेक्ट गंगा (गवर्नमेंट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एंड एडवांसमेंट) के तहत बड़े पैमाने पर डिजिटल समावेशन पहल को लागू करने के लिए किया गया है।

एमओयू पर हस्ताक्षर एसटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री मनोज कुमार सिंह और एचजीएस के होल-टाइम डायरेक्टर तथा ओआईएल के एमडी एवं सीईओ विन्सले फर्नांडीस ने किए। इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना, वित्त मंत्रालय, एसटीसी के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

प्रोजेक्ट गंगा का उद्देश्य युवाओं को सशक्त बनाना है। इसके तहत न्याय पंचायत स्तर पर 8,000 से 10,000 स्थानीय उद्यमियों को स्वतंत्र डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर (डीएसपी) के रूप में विकसित किया जाएगा, जो पूरे उत्तर प्रदेश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। इस पहल में बड़ी संख्या में महिला उद्यमियों की भागीदारी भी अपेक्षित है। यह परियोजना अगले 2–3 वर्षों में 20 लाख से अधिक घरों को कनेक्ट करेगी और 1 लाख से अधिक लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगी। साथ ही, यह डिजिटल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए सरकार के प्रयासों को मजबूती देगी। डीएसपी को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, नेटवर्क निर्माण और तकनीकी सहयोग जैसी संरचित सहायता प्रदान की जाएगी।

एसटीसी के सीईओ श्री मनोज कुमार सिंह ने कहा, “प्रोजेक्ट गंगा उत्तर प्रदेश में समावेशी डिजिटल अवसंरचना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल राज्य सरकार के उस डिजिटल विजन के अनुरूप है,

जिसका उद्देश्य डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाना है। साथ ही, यह एमएसएमई और उद्यमों को भरोसेमंद और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। स्थानीय उद्यमियों को सशक्त बनाकर यह कार्यक्रम सेवा वितरण को मजबूत करेगा और वंचित समुदायों तक किफायती डिजिटल पहुंच सुनिश्चित करेगा।”

एचजीएस के होल-टाइम डायरेक्टर और ओआईएल के एमडी एवं सीईओ विन्सले फर्नांडीस ने कहा, “यह पहल बड़े पैमाने पर डिजिटल पहुंच और आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने के प्रति हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सरकार के डिजिटल विजन और ओआईएल की कार्यान्वयन क्षमता को मिलाकर हम कनेक्टिविटी का विस्तार करने के साथ-साथ उद्यमिता के माध्यम से स्थायी आजीविका के अवसर भी सृजित करना चाहते हैं। प्रोजेक्ट गंगा एक बहुवर्षीय कार्यक्रम है, जो उद्यमियों के जुड़ाव, नेटवर्क तैनाती और कार्यबल विकास पर केंद्रित है।”