गुवाहाटी
भारत के निजी क्षेत्र के अग्रणी बैंक, एचडीएफसी बैंक ने आज गुवाहाटी में अपनी नई टेक और डिजिटल फैक्ट्री का शुभारंभ किया। यह सुविधा असम में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट, इनोवेशन और टैलेंट इनक्यूबेशन के लिए एक सेंटर के तौर पर काम करेगी, जिससे स्टेट में एआई डिजिटल और साइबर सिक्योरिटी टैलेंट पूल को मजबूत करने में मदद मिलेगी। यह सुविधा बैंक की असम में पहली और देश भर में चौथी है। बैंक की अभी मुंबई, बेंगलुरु और गुरुग्राम में टेक और डिजिटल फैक्ट्रियां हैं।

यह सुविधा राज्य में स्किल्ड प्रोफेशनल्स को करियर के मौके भी देगी, जिससे वे अगली पीढ़ी की टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट में सीधे योगदान दे सकेंगे। बैंक असम और आस-पास के राज्यों से लोकल टेक टैलेंट का फ़ायदा उठाकर टेक और डिजिटल फ़ैक्टरी के लिए अपनी क्षमताओं को मज़बूत करेगा। इसका मकसद एआई, क्लाउड, डेटा और कोर इंजीनियरिंग ट्रैक में कोर टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाना है, ताकि स्टेट में डिजिटल प्रोडक्ट बनाने की क्षमता को खोला जा सके।

इस सांझी पहल के तहत एचडीएफसी बैंक और असम सरकार बीएफएसआई और फिनटेक सेक्टर से जुड़े एक स्ट्रक्चर्ड स्किल-बिल्डिंग करिकुलम के ज़रिए इंडस्ट्री एक्सपर्टीज़ के साथ एकेडमिक नॉलेज को बढ़ाना चाहते हैं।कैंपस-टू-कॉर्पोरेट कॉम्पिटेंसी पर केंद्रित, यह प्रोग्राम बैंकिंग और फिनटेक इंडस्ट्री में नौकरी की ज़रूरतों के हिसाब से है। करिकुलम में ज़रूरी बैंकिंग नॉलेज और नए ज़माने के आईटी डोमेन शामिल हैं।यह प्रोग्राम सितंबर 2025 में शुरू हुआ था और अभी 150 से ज़्यादा स्टूडेंट्स को प्रोग्राम के ग्रुप के हिस्से के तौर पर ट्रेनिंग दी जा रही है। स्टूडेंट्स को एचडीएफसी बैंक के सीनियर एग्जीक्यूटिव से इंडस्ट्री से जुड़ी नॉलेज और प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस मिलेगा।

जो स्टूडेंट्स इस प्रोग्राम का हिस्सा हैं, उन्हें एचडीएफसी बैंक के साथ 2 – 4 महीने की इंटर्नशिप करनी होगी, जिससे उन्हें कॉर्पोरेट माहौल में असल दुनिया के हालातों में एकेडमिक और टेक्नोलॉजी कॉन्सेप्ट को लागू करने का एक्सपीरियंस मिलेगा। इस कोर्स के लिए स्टूडेंट्स को कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होगा।