मायावती ने पहला टिकट ब्राह्मण को देकर फूंका 27 के चुनाव का बिगुल
यूपी में विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान करने वाली मायावती ने पार्टी प्रत्याशियों के नाम की घोषणा शुरू कर दी है. चुनाव में ब्राह्मण की भूमिका को देखते हुए मायावती ने पहला टिकट ब्राह्मण बिरादरी के नेता को थमाया है. BSP ने यूपी चुनाव के लिए पहला टिकट आशीष पांडेय को दिया है. उन्हें जालौन जिले की माधौगढ़ सीट से पार्टी का प्रत्याशी बनाया गया है, साथ ही उन्हें माधौगढ़ सीट का प्रभारी भी बनाया गया है. माधौगढ़ बीएसपी का गढ़ माना जाता है. पार्टी जल्द ही चुनाव के लिए कई अन्य प्रभारियों के नाम का भी ऐलान करेगी. पार्टी 2017 के चुनाव में यहां पर दूसरे स्थान पर रही थी. पार्टी सूत्रों का कहना है कि बीएसपी होली के बाद कानपुर मंडल की 5 और सीटों पर प्रभारियों की घोषणा करेगी. चुनाव तारीख के ऐलान से पहले घोषित प्रभारियों को ही पार्टी अपना प्रत्याशी बनाती है.
यूपी चुनाव के लिए पहला टिकट ब्राह्मण को देकर मायावती ने वर्तमान में खुद को उपेक्षित समझने वाली इस बिरादरी को साधने की कोशिश की है. वह पहले भी ब्राह्मण समाज की उपेक्षा पर चिंता जता चुकी हैं. पिछले कुछ समय से मायावती फिर से ब्राह्मण समाज को साधने में जुटी हुई हैं. 7 फरवरी को पार्टी की अहम बैठक के बाद मायावती ने कहा था कि बीजेपी सरकार में सभी वर्गों के लोग त्रस्त हैं लेकिन उपेक्षा और असम्मान के खिलाफ ब्राह्मण समाज अधिक मुखर है.
मायावती ने तब कहा था, “यहां सोचने की असल बात यह है कि उच्च जातियों खासकर ब्राह्मण बिरादरी को जितना आदर-सम्मान, पद और सुरक्षा सभी कुछ बीएसपी प्रमुख की ओर से पार्टी और सरकार के स्तर पर दिया गया क्या उतना कोई दूसरी पार्टी अथवा सरकार उन्हें दे पायी है?
पिछले दिनों अपने नाम को लेकर चर्चा में आई फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ में ब्राह्मण समाज के कथित अपमान को लेकर मायावती ने नाराजगी जताई और इसकी तीखी आलोचना की थी, साथ ही यह मांग भी की कि इस जातिसूचक फिल्म पर केंद्र सरकार की ओर से तुरंत बैन लगा देना चाहिए.










