जर्जर स्कूल भवन को लेकर हाईकोर्ट सख्त
- बच्चों व शिक्षकों की सुरक्षा पर खतरे को लेकर जारी हुआ नोटिस
- डीआईओएस लखनऊ और नगर निगम को देना होगा एफिडेविट
लखनऊ। जर्जर भवन में चल रहे हुसैनगंज स्थित चुटकी भंडार गर्ल्स इंटर कॉलेज के मामले को गंभीरता से लेते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने संबंधित अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने कहा है कि यदि भवन की हालत वाकई जर्जर है, तो इससे वहां पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों की जान को खतरा हो सकता है।
यह आदेश जनहित याचिका संख्या 1295/2025 पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया। याचिका विजय कुमार पांडेय द्वारा दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गिरीश तिवारी एवं राघव चौबे ने पक्ष रखा। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राजन रॉय एवं न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने की।
न्यायालय ने प्रतिवादी संख्या 13 इंटर कॉलेज के मैनेजर एवं 14 कॉलेज की प्रिंसिपल को नोटिस जारी करते हुए उनसे यह स्पष्ट करने को कहा है कि नगर निगम, लखनऊ द्वारा जर्जर भवन को लेकर पूर्व में जारी नोटिस के बावजूद उन्होंने अब तक कोई उचित सुधारात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की।
कोर्ट ने जिला विद्यालय निरीक्षक, लखनऊ राकेश कुमार पांडे को निर्देश दिया है कि वे हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट करें कि यदि भवन जर्जर पाया जाता है, तो वे इस संबंध में क्या कदम उठाया। इसके साथ ही नगर निगम, लखनऊ को भी याचिका के जवाब में अपना हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया गया है।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिका लंबित रहने के दौरान यदि जर्जर भवन या उसके किसी हिस्से को लेकर कोई आवश्यक कार्रवाई करना जरूरी हो, तो संबंधित प्राधिकरण बिना किसी बाधा के कार्रवाई कर सकते हैं। हालांकि यह कार्रवाई प्रतिवादी संख्या 13 एवं 14 के अधिकारों को प्रभावित किए बिना की जाएगी।
मामले की अगली सुनवाई फरवरी 2026 के तीसरे सप्ताह में की जाएगी और इसे फ्रेश के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।








