दिल्ली:
एलन मस्क के बागडोर संभालने के बाद ट्विटर में कर्मचारियों की छटनी का दौर जारी है, कंपनी के आधे कर्मचारियों को निकालने की प्रक्रिया शुरू हो गयी, कई विभाग बंद कर दिए गए है, कार्यालय इतवार तक बंद कर दिए गए हैं, ऐसे में ट्विटर के संस्थापक जैक डोर्सी ने कर्मचारियों से सार्वजानिक रूप से माफ़ी मांगी है. निकाले गए सबसे ज्यादा कर्मचारी या तो भारतीय है या भारतीय मूल के हैं. जैक डोर्सी ने शनिवार को एक ट्वीट कर कहा कि “ट्विटर पर पहले और वर्तमान में काम करने वाले लोग बेहद प्रतिभावान हैं. वे हमेशा एक रास्ता खोज लेंगे ,चाहे वह कितना भी कठिन समय में ही क्यों न हो. मुझे एहसास है कि बहुत से लोग मुझसे नाराज हैं. मैं मानता हूं कि हर कोई मेरी वजह से इस स्थिति में है. मैंने इस कंपनी के आकार को बहुत जल्दी ही बड़ा बना लिया, इसके लिए सबसे माफी मांगता हूं.

बता दें कि ट्विटर ने शुक्रवार को अपने 7,500 कर्मचारियों में से आधे को बर्खास्त कर दिया. नए मालिक एलन मस्क ने अधिग्रहण के ठीक एक हफ्ते बाद कंपनी में बड़े बदलाव की शुरुआत की. एएफपी द्वारा देखे गए एक आंतरिक दस्तावेज में कहा गया है कि “लगभग 50 प्रतिशत” कर्मचारी प्रभावित हुए हैं और इन्हें तत्काल आधार पर कंपनी के कंप्यूटर और ईमेल तक पहुंच से वंचित तक दिया गया है. दुनिया भर के प्रोफेशनल्स को जब उनकी कंपनियों ने बाहर किया तो ट्विटर ही उनकी निराशा को बाहर निकालने में मददगार बना. अब ट्विटर के कर्मचारियों को ही बाहर होना पड़ रहा है.

छंटनी से पहले, ट्विटर ने कर्मचारियों को कहा है कि वह घर पर ही रहें और ईमेल आने के बाद ही दफ्तर में काम करने आएं. नाम न छापने की शर्त पर एक बर्खास्त कर्मचारी ने कहा, “यह लोगों के साथ व्यवहार करने का एक बहुत ही अमानवीय तरीका है. वे हर कीमत पर पैसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं.” 44 बिलियन डॉलर के सौदे के भुगतान के लिए एलन मस्क ने अरबों डॉलर का कर्ज लिया है और अपनी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला में 15.5 बिलियन डॉलर मूल्य के शेयर बेच दिए. कंपनी के सूत्रों ने कहा कि मस्क की टीमें शेष कर्मचारियों पर दबाव डाल रही हैं. टेस्ला डेवलपर्स को “ट्वीप्स” के काम की देखरेख के लिए लाया गया है. ट्विटर में काम करने वालों को कंपनी के अंदर ट्वीप्स कहा जाता है.