KKR या CSK: किसके नाम लगेगी आईपीएल की लॉटरी
तौक़ीर सिद्दीक़ी

आईपीएल के तमाशे में आज KKR और CSK के दरमियान फाइनल खेला होने वाला है. एक तरफ CSK जो अब बूढ़े खिलाडियों की बदौलत डैडीज़ आर्मी बन गयी है तो दूसरी तरफ दस खिलाडियों से खेलते हुए फाइनल में पहुँचने का कारनामा करने वाली कोलकाता की टीम. दस खिलाडियों की बात इसलिए कि कप्तान मॉर्गन का यहाँ तक पहुँचने में सहयोग नगण्य रहा है.
आंकड़ों की बात करें तो CSK और कप्तान धोनी के पीछे आठ फाइनल खेलने का अनुभव है जिसमें तीन जीत भी शामिल हैं. वहीँ केकेआर के पास दो फाइनल खेलने और दोनों ही जीतने का रिकॉर्ड साथ है. इस तरह देखा जाय तो दोनों ही टीमों के पास दावेदारी की ठोस वजह हैं.
पहले बात CSK की जो 9वीं बार आईपीएल का फाइनल खेलने जा रही है. फाइनल में टीम के संयोजन में किसी छेड़छाड़ की उम्मीद कम ही लगती है, हो सकता है कि पिछले तीन मैचों से बाहर बैठे मिस्टर आईपीएल सुरेश रैना अंतिम एकादश में शामिल हो जाएँ, मगर सवाल यही उठता है कि धोनी किसे बाहर करेंगे, रैना की जगह टीम में आये रोबिन उथप्पा ने पिछले मैच में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ शानदार पारी खेली है, क्या धोनी उन्हें हटाएंगे या फिर फाफ डुप्लेसिस या अम्बति रायुडू में से किसी एक को रिप्लेस किया जायेगा। धोनी के लिए फैसला थोड़ा मुश्किल है, वैसे विनिंग कॉम्बिनेशन को धोनी छेड़ना नहीं चाहेंगे।
अगर बल्लेबाज़ी की बात की जाय तो CSK ऋतुराज गायकवाड़ पर बहुत डिपेंड करती है, CSK को फाइनल में पहुँचाने में ऋतुराज की शानदार बैटिंग फॉर्म का बहुत बड़ा हाथ है, वरना बाकि बल्लेबाज़ों ने बस सहयोगी की भूमिका ही निभाई है, पूरे आईपीएल में धोनी का बल्ला खामोश रहा है लेकिन पिछले दो मैचों में उनका मैच फिनिशर का लुक फिर सामने दिखा है जो CSK के लिए नेक शगुन साबित हो सकता है.
गेंदबाज़ी की बात करें तो CSK के पास काफी अनुभवी गेंदबाज़ी है. भले किसी एक गेंदबाज़ ने कोई बड़ा कंट्रीब्यूशन नहीं किया मगर चाहर, हेज़लवुड, जडेजा, शार्दुल और ड्वेन ब्रावो ने थोड़ा थोड़ा सहयोग कर टीम को फाइनल तक पहुँचाने में मदद की है.
अब बात अनप्रिडिक्टेड कोलकाता नाईट राइडर्स की जिसने यूएई में शानदार प्रदर्शन किया है. इस टीम ने भारत में खेले गए सात लीग मैचों में सिर्फ दो मैच जीते थे वहीँ यूएई के सात लीग मैचों में से पांच में जीत दर्ज की यानी बिलकुल रिवर्स परफॉरमेंस। बात अगर फाइनल में पहुँचने की करें तो केकेआर के इस सफर में उसके गेंदबाज़ों का प्रदर्शन कबीले तारीफ रहा है, वरुण चक्रवर्ती, सुनील नरेन, फर्गुसन और शिवम् मावी ने विपक्षी बल्लेबाज़ों पर अबतक पकड़ बनाये रखी है.
केकेआर की बल्लेबाज़ी की बात करें तो वेंकटेश अय्यर के इर्द गिर्द घूमती नज़र आ रही है बिलकुल CSK के ऋतुराज की तरह. है यह ज़रूर है कि वेंकटेश का साथ देने के लिए केकेआर के पास शुभमन गिल, नितीश राणा और राहुल त्रिपाठी हैं जो बल्ले के साथ लगातार अच्छा सहयोग कर रहे हैं अलबत्ता कप्तान मॉर्गन और दिनेश कार्तिक की बल्ले से असफलता चिंता का विषय है. आपने देखा ही होगा कि क़्वालिफ़ायर 2 में केकेआर की बल्लेबाज़ी में कितना पैनिक क्रिएट हुआ था. कप्तान मॉर्गन की नाकामी टीम के लिए बहुत बड़ी चिंता है मगर अब कुछ किया नहीं जा सकता।
टीम संयोजन की बात करें तो केकेआर के पास बल्लेबाज़ी में बदलाव का कोई विकल्प नहीं है और गेंदबाज़ी संयोजित है. इसका मतलब है कि टीम में कोई बदलाव नहीं होगा। वैसे साकिब की जगह आंद्रे रसेल अगर आज मैदान में दिख जाएँ तो कोई हैरानी नहीं होगी।
चैम्पियन का फैसला तो आज रात होगा लेकिन आंकड़ों को देखें तो CSK का पलड़ा भारी दिख रहा है लेकिन अनप्रिडिक्टेड केकेआर से कुछ भी प्रेडिक्ट किया जा सकता है.
तौक़ीर सिद्दीक़ी
9628584535
e-mail: [email protected]










