(आलेख : बादल सरोज) भारत के दार्शनिक वृतांत में एक रोचक कथा है, अद्वैतवादी आदि शंकराचार्य की कथनी और करनी के द्वैत की कथा। जगत को सच्चा और गतिशील मानने और सवाल