पेरिस: पेरिस में सीरियल आतंकी हमले हुए हैं, जिसमें 120 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। मरने वालों की संख्या बढ़ने के आसार हैं। वहीं सुरक्षा बलों ने पांच आतंकियों को भी मार गिराया है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, करीब 100 से अधिक लोग बैटाकलां कंसर्ट हॉल में ही मारे गए हैं। बैटाकलां कंसर्ट हॉल के अलावा नेशनल स्टेडियम को भी आतंकियों ने निशाना बनाया है।

हमले पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, पेरिस से आ रही खबर बड़ी ही भयावह और पीड़ा देने वाली है। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ है। दुख की इस घड़ी में हम फ्रांस के साथ हैं।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुए घातक आतंकवादी हमलों की आज निंदा करते हुए दुख प्रकट किया। राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, मैं पेरिस में हुए आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा करता हूं। भारत फ्रांस के साथ दृढ़ता से खड़ा है। मेरी संवेदनाएं फ्रांस के लोगों के साथ हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि पेरिस में हुई घटना से मैं स्तब्ध हूं। हम लोग पूरी तरह से फ्रांस की जनता के साथ हैं। हमसे जो भी मदद हो सकेगी हम करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे कायरतापूर्ण कार्रवाई बताया है। उन्होंने कहा है कि ये मानवता पर हमला है और अमेरिका पूरी तरह से फ्रांस के साथ खड़ा है।

वहीं यूएन महासचिव बान की मून ने भी हमलों की निंदा करते हुए कहा कि कि यह एक घृणित आतंकी हमला है। इस तरह के हमले स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऐसे हमलों के खिलाफ पूरे विश्व को मिलकर लड़ना होगा।

फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि आतंकियों के साथ क्रूरता से निपटा जाएगा। ओलांद ने कहा कि स्टेट ऑफ इमर्जेंसी घोषित कर दी गई है। साथ ही बॉर्डर को सील किया गया है।

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सीसी ने फ्रांस के साथ एकजुटता दिखाते हुए पेरिस में हुए घातक आतंकी हमले की निंदा की है। मिस्र में राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी ने फ्रांस में मिस्र के राजदूत से फ्रांसीसी सरकार और लोगों के प्रति मिस्र की संवेदना जाहिर करने फ्रांस के साथ अपनी एकजुटता दोहराने को कहा है।

इस बयान में यह भी कहा गया कि मिस्र आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रयासों का समर्थन करता है जो समूची दुनिया में बिना कोई अंतर किए निर्दोष लोगों की जान लेते हैं और जिन्हें ना कोई सीमा या ना ही धर्म का पता है। बयान के मुताबिक, कुछ आतंकवादी हमलों से शांतिपूर्ण देशों या लोगों की इच्छाशक्ति कमजोर नहीं होगी बल्कि यह आतंकवाद के खिलाफ पूरे दमखम के साथ लड़ाई के लिए उन्हें प्रेरित ही करेगी।