लखनऊ। उत्तर प्रदेश के निलंबित आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए अब अदालत का दरवाजा खटखटाया है। मंत्री गायत्री प्रजापति के पीछे पड़े ठाकुर को मुलायम की ओर से कथित रूप से फोन पर धमकाए जाने के मामले में उन्होंने एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर शुक्रवार को अदालत में परिवाद दायर किया।

अमिताभ की पत्नी नूतन ठाकुर ने बताया कि अधिवक्ता अखिलेश अवस्थी के माध्यम से लखनऊ की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में धारा 156 (3) सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। वहीं सीजेएम लखनऊ सोमप्रभा मिश्रा ने मामला पंजीकृत कर थाने से रिपोर्ट मंगवाई है। इस मामले में अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।

नूतन ने बताया कि ठाकुर ने इस संबंध में धारा 506 (आईपीसी) में एफआईआर के लिए 11 जुलाई को इंस्पेक्टर हजरतगंज विजय पाल सिंह यादव को अपनी तहरीर दी थी लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसके बाद 23 जुलाई को लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश पांडेय को प्रार्थनापत्र भेजा था।

इसी बीच इंस्पेक्टर हजरतगंज ने 17 जुलाई के पत्र के माध्यम से अमिताभ ठाकुर को सूचित किया था कि उनकी शिकायत की जांच कर ली गई है, जिसमें आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। ठाकुर ने इस जांच को गलत बताते हुए सीजेएम से उनके प्रार्थनापत्र पर एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है।

ठाकुर का आरोप है कि मुलायम सिंह ने मंत्री गायत्री प्रजापति मामले में एफआईआर से नाराज होकर 10 जुलाई की शाम फोन कर धमकी दी थी।