बरेली
भारत के अग्रणी निजी क्षेत्र के बैंक, एचडीएफसी बैंक ने ‘स्माइल फाउंडेशन’ के सहयोग से अपने सीएसआर कार्यक्रम ‘परिवर्तन’ के तहत उत्तर प्रदेश के बरेली में अपने ‘परिवर्तन स्किलिंग सेंटर’ को शुरू करने की घोषणा की है।

यह स्किलिंग सेंटर 30 महीनों की अवधि में वंचित समुदायों के 850 युवाओं को ट्रेनिंग देगा, जिसमें बैंकिंग, वित्तीय सेवाएँ और बीमा (बीएफएसआई) और रिटेल सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस पहल को स्माइल फाउंडेशन के ‘स्किलिंग और रोज़गार क्षमता’ कार्यक्रम के तहत लागू किया जाएगा। इस कार्यक्रम को आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े समुदायों के युवाओं के लिए ट्रेनिंग से लेकर स्थायी रोज़गार तक पहुँचने के व्यवस्थित रास्ते बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

उत्तर प्रदेश भारत की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले राज्यों में से एक है, जहाँ 18 से 30 साल के ग्रेजुएट और स्कूल छोड़ने वाले युवाओं का एक बड़ा हिस्सा कौशल-आधारित रोज़गार की तलाश में है। यह केंद्र प्रशिक्षण को उद्योग की ज़रूरतों के हिसाब से ढालकर, आकांक्षा और अवसर के बीच के अंतर को दूर करता है। यह युवाओं को औपचारिक क्षेत्र की भूमिकाओं के लिए तैयार करता है, जिससे उन्हें बड़े शहरों (मेट्रो सिटी) में पलायन करने की ज़रूरत कम हो जाती है।

एक व्यवस्थित, बहु-वर्षीय सुविधा के रूप में परिकल्पित, इस केंद्र का प्रबंधन शुरू से अंत तक ‘स्माइल फाउंडेशन’ द्वारा किया जाएगा। इसमें प्रशिक्षण देना, संचालन और नौकरी मिलने के बाद की निगरानी (पोस्ट-प्लेसमेंट ट्रैकिंग) शामिल होगी। इस मॉडल को प्रशिक्षण की गुणवत्ता में एकरूपता सुनिश्चित करने और कौशल विकास तथा रोज़गार के परिणामों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

परियोजना की अवधि के दौरान, प्रशिक्षित उम्मीदवारों में से कम से कम 70 प्रतिशत को बीएफएसआई (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएँ और बीमा) और खुदरा (रिटेल) क्षेत्रों में शुरुआती स्तर की भूमिकाओं में नौकरी दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में क्षेत्र-विशेष की तकनीकी दक्षताओं के साथ-साथ ज़रूरी ‘सॉफ्ट स्किल्स’ को भी शामिल किया गया है। इनमें संचार, ग्राहकों से बातचीत, कार्यस्थल पर व्यवहार और आत्मविश्वास बढ़ाना शामिल है। नौकरी मिलने के बाद व्यवस्थित निगरानी और मार्गदर्शन से नौकरी में बने रहने और करियर में शुरुआती प्रगति में मदद मिलेगी। यह सुनिश्चित करेगा कि यह पहल केवल अल्पकालिक कौशल विकास तक ही सीमित न रहे, बल्कि इससे आजीविका के अधिक स्थायी परिणाम भी मिलें।

इस पहल पर टिप्पणी करते हुए एचडीएफसी बैंक की सीएसआर प्रमुख नुसरत पठान ने कहा, “परिवर्तन के माध्यम से हमारा ध्यान कौशल प्रशिक्षण और रोज़गार के बीच के जुड़ाव को मज़बूत करके, आजीविका के सार्थक और स्थायी अवसर प्रदान करने पर है। बरेली शहर एक ऐसे समुदाय का प्रतिनिधित्व करता है जहाँ बड़ी संख्या में ऐसे महत्वाकांक्षी युवा हैं, जिनमें सेवा क्षेत्र में सफल होने की योग्यता और प्रेरणा मौजूद है। हम प्रशिक्षण को उद्योग की ज़रूरतों के हिसाब से ढालकर और नौकरी दिलाने में सहायता प्रदान करके इस अंतर को दूर करते हैं।”

‘स्माइल फाउंडेशन’ के सह-संस्थापक और कार्यकारी ट्रस्टी श्री शांतनु मिश्रा ने कहा, “भारत का ‘जनसांख्यिकीय लाभांश’ (डेमोग्राफिक डिविडेंड) इसकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। हालाँकि, इसकी पूरी क्षमता का लाभ उठाने के लिए युवाओं को प्रासंगिक कौशल और अवसर प्रदान करने हेतु केंद्रित प्रयासों की आवश्यकता है। ‘परिवर्तन स्किल अकादमी’ वंचित समुदायों के युवाओं को आत्मविश्वास से भरपूर, कुशल और रोज़गार योग्य बनाने की दिशा में एक कदम है। यह न केवल उनकी अपनी प्रगति बल्कि राष्ट्र के विकास में भी योगदान देगा। स्माइल फाउंडेशन को युवाओं के सशक्तिकरण और स्थायी आजीविका के अवसरों का विस्तार करने के इस प्रयास में एचडीएफसी बैंक के साथ साझेदारी करने पर गर्व है।”

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी ज़िलों के लिए एक क्षेत्रीय केंद्र के तौर पर बरेली की भूमिका इसे केंद्र के लिए एक रणनीतिक स्थान बनाती है, जहाँ शहर और आस-पास के इलाकों में योग्य युवाओं का एक बड़ा समूह उपलब्ध है।

एचडीएफसी बैंक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने, एसेट खरीदने, स्टाफ रखने और प्रोग्राम के संचालन का काम देखेगा जिससे एचडीएफसी बैंक के सीएसआर लक्ष्यों,आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने और समावेशी विकास को सीधे तौर पर मदद मिलेगी।