लखनऊ।
लखनऊ 31 जनवरी 2026: शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, अवध प्रांत द्वारा आज इंदिरा नगर, लखनऊ के सेक्टर-10 स्थित ज्ञान गुरुकुलम परिसर में एक महत्वपूर्ण प्रांतीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रांत की वार्षिक कार्ययोजना, नियमित मासिक बैठकों की तिथि व दिन का निर्धारण, तथा विभिन्न विषयों के संयोजकों द्वारा प्रस्तुत कार्यवृत्तों पर विचार-विमर्श करना रहा। संगठनात्मक मजबूती हेतु पूर्व प्रांत संयोजक श्री विकास जैन ने अपने विचार रखे।
बैठक में पंचकोष आधारित चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व के समग्र विकास विषय पर प्रांत संयोजक ज्ञान पांडेय, पर्यावरण विषय पर डॉ. कीर्ति विक्रम सिंह, भारतीय ज्ञान परंपरा विषय पर सत्येन्द्र त्रिपाठी एवं डॉ. कीर्ति नारायण, तथा भारतीय भाषा मंच विषय पर डॉ. संगीता द्वारा किए गए कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया, जिस पर सार्थक चर्चा हुई।
इस अवसर पर शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, अवध प्रांत के प्रांत संयोजक श्री प्रमिल द्विवेदी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह बैठक संगठनात्मक दृष्टि से अत्यंत सफल रही। उन्होंने संगठन की मजबूती, आपसी समन्वय और नियमित मासिक बैठकों की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रांत के समस्त दायित्ववान कार्यकर्ताओं से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। साथ ही वार्षिक कार्ययोजना को और अधिक प्रभावी एवं उत्कृष्ट बनाने हेतु प्रांत स्तर पर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने पंच परिवर्तन के विषय तथा प्रांत से जुड़े सभी स्वजनों द्वारा स्व-मूल्यांकन प्रपत्र के माध्यम से अपने कार्यों की समीक्षा कर निरंतर उत्कृष्टता संवर्धन की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
उल्लेखनीय है कि दिसंबर माह में सूरत (गुजरात) में आयोजित शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की त्रिदिवसीय कार्यशाला में सहभागिता के उपरांत अवध प्रांत स्तर पर बैठक एवं प्रेस वार्ता आयोजित करने का दायित्व निर्धारित किया गया था। उसी क्रम में यह प्रांतीय बैठक एवं आगामी प्रेस वार्ता संगठनात्मक कार्यों को सुदृढ़ करने तथा भावी गतिविधियों की दिशा तय करने की दृष्टि से आयोजित की गई।
यह बैठक प्रांत के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी तथा शिक्षा, संस्कृति एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के संवर्धन हेतु नए आयाम स्थापित करेगी।