टीम इंस्टेंटखबर
नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज की पूर्व प्रमुख चित्रा रामकृष्‍ण के फैसलों को कथित तौर पर प्रभावित करने वाला रहस्‍यमयी ‘अदृश्य योगी’ की पहचान आनंद सुब्रमण्‍यम के रूप में हुई है. एनएसई के इस पूर्व अधिकारी को स्‍टॉक मार्केट धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया है.

सीबीआई के सूत्रों ने गुरुवार को कहा, NSE का पूर्व अधिकारी आनंद ही वह योगी था जिसने ई-मेल के जरिये चित्रा रामकृष्‍ण के साथ संवाद किया.

बाजार नियामक सेबी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि उसकी विवादित नियुक्ति उन फैसलों में से एक थी जो चित्रा रामकृष्‍ण ने तथाकथित योगी के प्रभाव में आकर की थी. सूत्रों ने बताया कि एक ईमेल आईडी से आनंद सुब्रमण्‍यम के ही योगी होने का खुलासा हुआ था.

जांच एजेंसी के अनुसार, इस बात के सबूत हैं कि सुब्रमण्‍यम ने ही मेल ID [email protected] बनाया था. सीबीआई सूत्रों ने बताया कि चित्रा रामकृष्‍णन ने अपने ईमेल आईडी [email protected] के जरिये एनएसई से जुड़ी गोपनीय जानकारी 2013 से 2016 के बीच [email protected] पर शेयर की थीं.

सूत्रों ने बताया कि एक ईमेल आईडी से आनंद सुब्रमण्‍यम के ही योगी होने का खुलासा हुआ था.

जांच एजेंसी के अनुसार, इस बात के सबूत हैं कि सुब्रमण्‍यम ने ही मेल ID [email protected] बनाया था.

सीबीआई सूत्रों ने बताया कि चित्रा रामकृष्‍णन ने अपने ईमेल आईडी [email protected] के जरिये एनएसई से जुड़ी गोपनीय जानकारी 2013 से 2016 के बीच [email protected] पर शेयर की थीं. इनमें से कुछ मेल कथित तौर पर आनंद सुब्रमण्‍यम के एक अन्‍य ईमेल आईडी पर भी मार्क किए गए थे.

सूत्रों ने कहा कि इन मेल्‍स के स्‍क्रीनशॉट सुब्रमण्‍यम के मेल आईडी से मिले हैं.

बता दें कि सीबीआई ने सुब्रमण्यम से पिछले हफ्ते चार दिन पूछताछ की थी. इसके बाद उन्हें बीती रात करीब 11 बजे चेन्नई से गिरफ्तार किया गया था.

सु्ब्रमण्‍यम को पहले वर्ष 2013 में एनएसई में मुख्‍य रणनीतिक सलाहकार नियुक्‍त किया गया था और बाद में उन्‍हें चित्रा रामकृष्‍ण ने 2015 में ग्रुर ऑपरेटिंग ऑफिसर के तौर पर प्रमोट कर दिया था. 2016 में अनियमिति के आरोपों को लेकर उसने एनएसई छोड़ दिया था.

चित्रा कथित तौर पर ‘योगी’ को गोपनीय जानकारी शेयर करने को लेकर जांच के दायरे में हैं जो अब उनका ही सहयोगी निकला है.

गौरतलब है कि चित्रा रामकृष्‍ण वर्ष 2013 से 2016 तक नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज की सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्‍टर थीं, बाद में उन्‍होंने निजी कारणों से पद छोड़ दिया था.

चित्रा उस वक्त सुर्खियों में रही थीं, जब बाजार नियामक सेबी ने हाल में एक आदेश जारी किया था, जिसके मुताबिक एनएसई की पूर्व एमडी (चित्रा रामकृष्ण ने) ने एक योगी के प्रभाव में आकर आनंद सुब्रमण्यम को एक्सचेंज में समूह परिचालन अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक का सलाहकार नियुक्त किया.

आयकर विभाग ने गुरुवार को चित्रा रामकृष्ण और समूह परिचालन अधिकारी आनंद सुब्रमण्यम के खिलाफ कर चोरी के मामले की जांच के तहत मुंबई और चेन्नई स्थित उनके परिसरों पर छापे मारे थे.

अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई का मकसद दोनों लोगों के खिलाफ कर चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच करना तथा साक्ष्य जुटाना था. दरअसल, संदेह जताया गया था कि उन्होंने एक्सचेंज की गोपनीय जानकारी संभवत: तीसरे पक्षों के साथ साझा कर अवैध वित्तीय लाभ हासिल किये होंगे.