कोरोना के मामलों के लिए डेडिकेटेड अस्पताल बनाने का काम 17 राज्यों में शुरू

कोरोना के मामलों के लिए डेडिकेटेड अस्पताल बनाने का काम 17 राज्यों में शुरू

नई दिल्ली: बीते 24 घंटों में कोरोना के 42 नए मामले सामने आए हैं और 4 मौते हुई हैं। कुल मामलों की संख्या बढ़कर 649 हो गई है। वित्त मंत्री ने गुरुवार को एक लाख 70 हजार करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया है। इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि हमारे अनुरोध पर कोरोना के मामलों के लिए डेडिकेटेड अस्पताल बनाने का काम 17 राज्यों में शुरू हो गया है।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण की चेन को तोड़ने में सोशल डिस्टेंसिंग प्रभावी साबित हो सकता है। अगर हम 100 प्रतिशत सामाजिक मेलजोल कम करने में सफल रहे तो हम कोरोना वायरस संक्रमण की प्रसार श्रंखला को प्रभावी तरीके से तोड़ सकेंगे। कोरोना मरीजों की संख्या पर उन्होंने कहा कि जिस दर से यह बढ़ रही है, वह अपेक्षाकृत स्थिर है। हालांकि, यह केवल शुरुआती ट्रेंड है।

उन्होंने कहा कि वायरस के देश में कम्युनिटी संक्रमण जैसी बात अभी तक सामने नहीं आई है। संयुक्त सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार ने लोगों को दवाओं की डिलीवरी घर तक पहुंचने की अनुमति दी है, इसकी अधिसूचना जल्द ही जारी कर दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने एक सवाल के जवाब में स्पष्ट किया कि मक्खी से कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं फैलता है।

गृहमंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है कि कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन, आपूर्ति या वितरण प्रभावित न हो। राज्य मजदूरों को भोजन और शेल्टर प्रदान करने के लिए काम कर रहे हैं। आईसीएमआर के आर गंगा केतकर ने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए कदम इतने प्रभावी हैं कि अगर हम उनका सख्ती से पालन करें तो देश में कोरोना वायरस के मामले मुश्किल से ही बढ़े।

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