लल्लू सिंह तो बहाना है मक़सद प्रियंका को अपनी ताक़त दिखाना है

लल्लू सिंह तो बहाना है मक़सद प्रियंका को अपनी ताक़त दिखाना है

लखनऊ से तौसीफ़ क़ुरैशी

राज्य मुख्यालय लखनऊ।एक के बाद एक तीन दशकों से हार झेल रही कांग्रेस का यूपी में सियासी वनवास ख़त्म नहीं हो पा रहा है खतम हो भी कैसे कांग्रेसी ख़ुद ही नहीं चाहते कि कांग्रेस यूपी में मज़बूत हो वरिष्ठता को आगे कर कांग्रेस में गुटबाज़ी को बढ़ावा दिया जा रहा था जिसको प्रियंका गांधी ने भाँप लिया और उनको कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र कर पार्टी से बाहर कर दिया।कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं उप्र की प्रभारी प्रियंका गांधी लगातार प्रयास कर रही है कि किसी तरह यूपी में कांग्रेस मज़बूत हो जाए लेकिन यूपी कांग्रेस के मज़बूत पिलरों में शुमार नेताओं को एक दूसरी की टांग खींचने में लगे रहते हैं।कांग्रेस में चल रही गुटबाज़ी को लेकर कांग्रेस ने सख़्त तेवर अपना लिए है यूपी कांग्रेस के अनुशासन समिति के सदस्य श्री अजय राय पूर्व विधायक द्वारा उत्तर प्रदेश की प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी व उप्र कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू के निर्देश पर विगत दिनों में अनुशासनहीनता करने पर 11 नेताओं को नोटिस जारी कर चौबीस घंटे में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु जवाब मांगा गया था। जिसमें श्री संतोष सिंह पूर्व सांसद, श्री सिराज मेंहदी पूर्व एमएलसी, श्री रामकृष्ण द्विवेदी पूर्व गृहमंत्री, श्री सत्य देव त्रिपाठी पूर्व मंत्री, श्री राजेन्द्र सिंह सोलंकी सदस्य एआईसीसी, श्री भूधर नारायण मिश्र पूर्व विधायक, श्री हाफिज मोहम्मद उमर पूर्व विधायक, श्री विनोद चौधरी पूर्व विधायक, श्री नेक चन्द्र पाण्डेय पूर्व विधायक, श्री स्वयं प्रकाश गोस्वामी पूर्व अध्यक्ष युवा कांग्रेस, श्री संजीव सिंह पूर्व जिलाध्यक्ष गोरखपुर शामिल हैं।जवाब न मिलने के बाद एक को छोड़ दस नेताओं को पार्टी से छह साल के लिए बाहर कर दिया गया है।हमारे सूत्रों का कहना है कि इसके पीछे महाराष्ट्र में सक्रिय राजनीति करने वाले यूपी के मूल निवासी पूर्व मंत्री कृपा शंकर सिंह है अजय कुमार लल्लू सिंह तो बहाना है मक़सद प्रियंका गांधी को अपनी ताक़त का एहसास कराना था।यूपी में कांग्रेस को सत्ता की दहलीज़ पर तक पहुँचाने के लिए यूपी की प्रभारी और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी का प्रयास है कि किसी भी तरह यूपी में कांग्रेस एक बार फिर पहले की तरह खड़ी हो जाए इसी लिए प्रियंका गांधी ने अजय कुमार लल्लू सिंह को यूपी कांग्रेस का अध्यक्ष बनवाया है यूपी कांग्रेस के हर फ़ैसले पर प्रियंका गांधी की सहमति होती हैं।2022 के चुनाव को लेकर प्रियंका गांधी अभी से तैयारी कर रही है जिससे चुनाव आने तक कांग्रेस को कोई हल्के में न ले।प्रियंका गांधी का मानना है कि कांग्रेसी जनता के बीच जाकर पार्टी का जनाधार बढ़ाए एवं सत्तारूढ़ मोदी की भाजपा का मुख्य प्रतिद्वंद्वी बन जाए।पार्टी नेतृत्व ने इसको और आगे बढ़ाते हुए 14 दिसम्बर को एक रैली करने का फ़ैसला लिया है जिसको नाम दिया गया है ”भारत बचाओ” इस रैली में यूपी से कितनी भीड़ जाती हैं यह भी नवनियुक्त अध्यक्ष लल्लू के लिए चुनौती होगा अगर भीड़ कम जाती हैं तो वरिष्ठता को नज़रअंदाज़ करने का शोर मचा रहे हैं वह लोग लल्लू को स्वतंत्रता के साथ अध्यक्षीय पारी नहीं खेलने देंगे लल्लू सिंह के लिए यह पहली अग्नि परीक्षा होगी।यूपी सहित पूरे देश में कांग्रेस कमज़ोर हुई है क्योंकि कांग्रेस के लिए उसकी आईडियोलोजी आड़े आ रही है कांग्रेस खुलकर धार्मिक कार्ड नहीं खेल सकती हैं और यह दौर खुलकर हिन्दू मुसलमान खेलने का चल रहा है हो कुछ नहीं रहा है अगर सही में समीक्षा की जाए तो उसमें कांग्रेस नंबर वन साबित होगी जिसने पर्दे के पीछे से हिन्दुत्व पर सबसे ज़्यादा काम किया है और किसी को पता नहीं लगने दिया मुसलमानों को दलितों से नीचे पहुँचा दिया और कमाल देखिए कोई विरोध नहीं हुआ।ख़ैर पार्टी नेतृत्व यूपी में कांग्रेस को मज़बूत करने में लगा हुआ है इससे इंकार नहीं किया जा सकता है 5 नवंबर से 13 नवंबर तक सभी जनपदों में कार्यक्रम किए गए जिसमें प्रेस कॉन्फ़्रेंस और नुक्कड़ सभाएँ, जुलूस, बर्तन बजाकर विरोध प्रदर्शन , विधानसभा स्तर पर शिविर लगाकर जनता की समस्याएँ सुनना शामिल था।इसका जनता में क्या असर हुआ या नहीं हुआ यह तो अभी कहना उचित नहीं होगा लेकिन कांग्रेस की उछल कूद से यह साबित होता है कि कांग्रेस यूपी में खड़ा होने के लिए हाथ पैर चला रही है ये बात अलग है कि कांग्रेसी उसको खड़ा न हो इस पर काम कर रहे हो।यूपी कांग्रेस के कार्यालय का ये हाल है कि जब यूपी कांग्रेस की प्रभारी प्रियंका गांधी आती हैं तो पीसीसी दफ़्तर कांग्रेसियों से भरा रहता है लेकिन जैसे ही प्रियंका गांधी वापिस जाती हैं फिर वही हाल हो जाता है जैसा की आबोहवा को आदत हो गई है सन्नाटा पसरा रहते हैं।प्रियंका गांधी की वजह से यूपी की योगी सरकार को एक नहीं कई बार सक्रिय होना पड़ा चाहे वह सोनभद्र का मामला रहा हो या फिर चिन्मयानंद , उन्नाव के कुलदीप सिंह सेंगर और बिजली विभाग में बिजली दरों की वृद्धि या पीएफ घोटाला सभी पर सरकार की नाक में दम कर दिया था।संघ से जुड़े पत्रकारों का कहना है कि जिस तरीक़े से प्रियंका गांधी मेहनत कर रही है अगर इतनी ही मेहनत सब कांग्रेसी नेता कर ले तो कांग्रेस को यूपी में मज़बूत होने से कोई नहीं रोक सकता है ये तो अपने खुद दुश्मन है इनको किसी दुश्मन की ज़रूरत नहीं है।