कांग्रेस के ज़ोरदार विरोध से सरकार ने RCEP पर खींचे अपने पैर: आराधना मिश्रा

कांग्रेस के ज़ोरदार विरोध से सरकार ने RCEP पर खींचे अपने पैर: आराधना मिश्रा

राज्य मुख्यालय लखनऊ।कांग्रेस विधानमण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘‘मोना’’ ने कहा है कि हम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी प्रियंका गांधी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं जिनके प्रबल विरोध के कारण RCEP समझौता (क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी) भारत में लागू होना रुक सका, अन्यथा मोदी सरकार किसानों, मछुआरों, छोटे व्यापारियों, सूक्ष्म उद्यमियों, दुग्ध उत्पादकों आदि के हित को नजरअंदाज कर भारत की बाजार को चीन, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैण्ड, आस्ट्रेलिया सहित कई अन्य देशों के हवाले कर रही थी।

आराधना मिश्रा ने कहा कि यह अत्यंत विनाशकारी, और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है।कांग्रेस पार्टी और कई अन्य राजनैतिक दलों के ज़बरदस्त विरोध के कारण ‘‘मोदी सरकार’’ को अपने पैर पीछे खींचने पड़े। कांग्रेस पार्टी छोटे व्यापारियों, दुग्ध उत्पादकों, किसानों, मछुआरों और रेड़ी पटरी वालों सहित सूक्ष्म उद्यमियों के साथ खड़ी है, और कांग्रेस पार्टी हमेशा इनके हितों की लड़ती रही है और भविष्य में भी लड़ती रहेगी।जिस प्रकार मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से श्रीमती प्रियंका गांधी और कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार को घेरा, उसी के परिणाम स्वरूप सरकार ने (क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी) के समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किये।

श्रीमती मिश्रा ने कहा कि वर्ष 1947 में देश को राजनैतिक आजादी तो मिली, परन्तु आर्थिक आजादी नहीं मिली।जब देश आजाद हुआ था तो उस समय देश में छोटी से छोटी वस्तु अर्थात ‘‘सुई’’ तक का निर्माण नहीं होता था किन्तु पं. जवाहर लाल नेहरू,बल्लभ भाई पटेल और मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे दूरदृष्टि राजनीतिज्ञों के विचार और उनकी आर्थिक नीतियों के कारण भारत देश आत्मनिर्भरता की ओर धीरे- धीरे बढ़ने लगा।कांग्रेस पार्टी की आर्थिक नीतियों के कारण, जैसे पंचवर्षीय योजना, बैंकों का राष्ट्रीयकरण, श्वेत क्रान्ति, हरित क्रान्ति सहित तमाम महत्वपूर्ण योजनाओं एवं उठाये गये कदमों के कारण, जो देश अर्थजगत में सबसे निचले पायदान पर खड़ा था उसने विश्व में 5वां स्थान बना लिया किन्तु दुर्भाग्य पूर्ण है कि मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण आज देश 7वें स्थान पर दुनिया में पहुंच गया है। लक्ष्य 8 से घटकर 5 पर पहुंच गया , भुखमरी की तालिका में भारत ने बांग्लादेश और नेपाल को भी पीछे छोंड़ दिया। देश को कुछ चुनिन्दा पूँजीपतियों के घरानों को सौंपा जा रहा है। बेरोजगारी पिछले 45 सालों में सर्वाधिक है आराधना मिश्रा ने कहा है कि आर्थिक तंगी, बेरोजगारी, बदहाल अर्थ व्यवस्था और कृषि संकट सहित तमाम जन विरोधी कार्यो के खिलाफ कांग्रेस पार्टी 5 नवम्बर से 15 नवम्बर तक एक ‘‘राष्ट्रव्यापी आन्दोलन’’ कर रही है।

Lucknow, Uttar Pradesh, India