बजट इफ़ेक्ट: पेट्रोल 2.5 रुपये और डीजल होगा 2.3 रुपये प्रति लीटर महंगा

बजट इफ़ेक्ट: पेट्रोल 2.5 रुपये और डीजल होगा 2.3 रुपये प्रति लीटर महंगा

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट-2019 में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर सेस बढ़ाने के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम में इजाफा हुआ है। पेट्रोल की कीमत 2.5 रुपये और डीजल के दाम 2.3 रुपये प्रति लीटर बढ़ जाएंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल-डीजल पर 2 रुपये प्रति लीटर की दर से एक्साइज ड्यूटी और रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर सेस बढ़ाया है। केन्द्र सरकार को इससे आय में 28,000 करोड़ का मुनाफा होगा।

पेट्रोल-डीजल पर जब कोई सरकार एक्साइज ड्यूटी और सेस बढ़ाती है तो उसपर वैट( VAT) लग जाता है। यही कारण है कि पेट्रोल 2.5 रुपये और डीजल में 2.3 रुपये प्रति लीटर मंहगी हो जाएगी।

वित्त मंत्री ने कच्चे तेल पर भी एक रुपये प्रति टन का सीमाशुल्क या आयात शुल्क भी लगाया है। भारत 22 करोड़ टन से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है और नए शुल्क से सरकार को 22 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्राप्ति होगी। वर्तमान में , सरकार ने कच्चे तेल पर कोई सीमाशुल्क नहीं लगाया हुआ है और इसके आयात पर केवल राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक शुल्क (एनसीसीडी) के रूप में सिर्फ 50 रुपये प्रति टन का शुल्क लगता है।

वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा , " कच्चा तेल ऊंचे स्तर से अब नीचे की ओर आ रहा है। इसने पेट्रोल और डीजल पर उपकर एवं उत्पाद शुल्क की समीक्षा करने की गुंजाइश पैदा हुई है। मैंने पेट्रोल और डीजल प्रत्येक पर दो - दो रुपये का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और सड़क एवं अवसंरचना उपकर बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। "

वर्तमान में पेट्रोल पर कुल 17.98 रुपये प्रति लीटर का उत्पाद शुल्क और उपकर (सामान्य उत्पाद शुल्क 2.98 रुपये , विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क सात रुपये और सड़क एवं अवसंरचना उपकर आठ रुपये) लगता है। वहीं , डीजल पर कुल 13.83 रुपये प्रति लीटर के शुल्क (सामान्य उत्पाद शुल्क 4.83 रुपये , विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क एक रुपये और सड़क एवं अवसंरचना उपकर 8 रुपये) लगते हैं। इन सबके अलावा , ईंधन पर वैट लगता है , जो कि अलग - अलग राज्यों में अलग - अलग है। दिल्ली में पेट्रोल पर 27 प्रतिशत और डीजल पर 16.75 प्रतिशत का शुल्क लगता है।