गढ़ में ढह सकता है समाजवादी पार्टी का किला!

आसिफ मिर्जा

सुलतानपुर। प्रदेश मुख्यालय पर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच चल रही रार अच्छे संकेत नही दे रहे है। सुलतानपुर-अमेठी का किला भी इस रार से ढह सकता है। आम मतदाता तो दूर सपा प्रत्याशी ही पशोपेश में है। यही वजह है कि वह मतदाताओं के बीच जाने के बजाय अपना टिकट पक्का करनेे की गणित फिट करने में जुट गये है।

सुलतानपुर जिले में 2012 के चुनाव में सभी विधानसभाओं पर सपा का कब्जा हुआ था। इसौली से अबरार अहमद ने बसपा से सीट छीनी थी। इस विधानसभा पर भद्र परिवार का हमेशा कब्जा रहा है। लम्भुआ विधानसभा में संतोष पांडेय ने बसपा के खाते की सीट पर कब्जा जमाया था। पूर्व मंत्री विनोद सिंह को हराकर संतोष पांडेय ने इतिहास रचा था। जयसिंहपुर विधानसभा सीट बसपा के खाते से मानी जाती थी। यहां पर अरूण वर्मा ने बसपा प्रत्याशी एवं पूर्व मंत्री ओपी सिंह को पटखनी दी थी। कादीपुर सुरक्षित सीट पर बसपा प्रत्याशी भगेलू राम को हराकर रामचंदर चैधरी विधायक बने थे। इस बार रार की वजह से पांचों विधानसभा में सपा प्रत्याशी मैदान में अभी तक नही उतरे है। सपा ने पांचो विधानसभाओं पर दो-दो प्रत्याशी घोषित कर दिया है। ऐसे में पांचों विधानसभाओं की सीट पर खतरा मडरा रहा है। कुछ इसी तरह का हाल अमेठी जिले का है। गौरीगंज और अमेठी विधानसभा पर पिछले चुनाव में सपा ने कब्जा जमाया था। अमेठी सीट कांग्रेस की मानी जाती थी। यहां पर कभी राजा संजय सिंह तो कभी उनकी पत्नी रानी अमिता सिंह जीत दर्ज कराती थी। चुनाव में गायत्री प्रसाद प्रजापति को जीत हासिल हुई और वह मंत्री भी बने। राकेश प्रताप सिंह ने गौरीगंज से बसपा के खाते की सीट चंद्रप्रकाश मटयारी को हराकर सपा के खाते में डाली थी। रार की वजह से यह भी सीट दूसरी पार्टी में जाने का कयास लगाया जा रहा है।

इसौली विधायक अबरार अहमद को छोड़कर सुलतानपुर जिले में सभी विधायकों पर आचार संहिता उल्लघन का मुकदमा दर्ज हो चुका है। माननीयांे की दबंगई आम मतदाता को रास नही आ रही है। अमेठी विधानसभा के सम्भावित प्रत्याशी मंत्री गायत्री प्रसाद पर भी साड़ी का मुकदमा दर्ज हो चुका है। गायत्री प्रसाद पर विवादों की लम्बी फेहरिस्त है। माना जा रहा है कि इस बार जनता दूसरे मूड में होकर कुछ अलग ही गुल खिलाएगी।

सपा जिला महासचिव मो. अहमद का कहना है कि समाजवादी पार्टी में फिर से नई लिस्ट जारी होगी। इस बार भी सभी विधानसभाओं पर सपा प्रत्याशी जीत दर्ज कराएगे। वर्ष 2017 में सपा स्पष्ट बहुमत से सरकार भी बनाएगी।

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