नोटबंदी देश के लिए आपदा समान: मनमोहन

नोटबंदी देश के लिए आपदा समान: मनमोहन

नई दिल्ली। मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले के खिलाफ कांग्रेस के जन वेदना सम्मेलन में राहुल गांधी ने मोदी सरकार को जमकर घेरा। राहुल ने स्वच्छ भारत अभियान से लेकर नोटबंदी तक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने की कोशिश की तो पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री पी. चिदंबरम भी इससे पीछे नहीं रहे। मनमोहन सिंह ने पीएम के वादों को खोखला बताया तो पी चिदंबरम ने कहा कि नोटबंदी के कारण मजदूरों ने अपनी रोजी रोटी गंवाई है।

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने पीएम पर हमला करते हुए कहा कि मोदी जी लगातार कहते रहे हैं कि वो देश की उन्नति और अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने आये हैं पर इतने दिनों को देखने के बाद पता चला कि उनके वादे खोखले हैं। उनकी पॉलिसी को देश ने सिरे से नकार दिया है। देश की इनकम गिर रही है। नोटबंदी देश के लिए आपदा के समान है। देश एक बुरी स्थिति से गुजर रहा है और इसका सबसे बुरा समय आना बाकी है।

मनमोहन ने कहा कि ये एक अंत की शुरुआत है। मोदी सरकार ने देश को बुरी स्थिति में ढकेल दिया है और ये कांग्रेस के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि हम देश को इस निर्णय से बचाए। वहीं, वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने भारत सरकार से उन मजदूरों और किसानों के लिए मुआवजे की मांग कर डाली जिन्होंने कथित तौर पर इस नोटबंदी के कारण अपनी रोजी रोटी गंवाई है। उन्होंने कहा कि फाइनेंस सेक्रेटरी, बैंकिंग सेक्रेटरी, चीफ इकॉनमी एडवाइजर किसी को भी इस फैसले के बारे में कुछ नहीं पता।

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्य आर्थिक सलाहकार ने 70 दिनों में एक शब्द नहीं कहा। कब आरबीआई ने ये मीटिंग की, 10 स्वतंत्र महानिदेशकों में सात स्थान खाली हैं। कैबिनेट मीटिंग का कोई रिकॉर्ड नहीं है, कैबिनेट नोट कहां है? जब तक पीएम ने टीवी पर नोटबंदी के फैसले का ऐलान नहीं किया, मंत्रियों को कैदियों की तरह रखा गया। उन्होंने पूर्व आरबीआई गवर्नर के बयान का हवाला देते हुए कहा, ‘पूर्व गवर्नर ने कहा था कि इस संस्थान की स्वायत्ता पर खतरा है। जीडीपी गिर गई है। आरबीआई ने भी कहा है... पर केवल वित्त मंत्री (अरुण जेटली) ऐसे शख्स हैं जिन्होंने कहा कि जीडीपी नीचे नहीं गई पर मैं कहना चाहूंगा कि 1 प्रतिशत से देश को 1.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान होता है।

पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि मनमोहन सिंह जी ने संसद में कहा है कि अनुमान लगाया जा रहा है कि अर्थव्यवस्था 25 प्रतिशत तक गिर सकती है इसलिए कांग्रेस पार्टी को आम आदमी के लिए आवाज उठाना चाहिए क्योंकि आम आदमी की किसी समस्या को उठाना हमारा काम है। किसी भी काम या बात जो आम आदमी को परेशान करती है उसकी आवाज हमें उठानी चाहिए। अगर हम ऐसा नहीं करते तो हमें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

कांग्रेस के युवा नेता और पूर्व सांसद सचिन पायलट ने कहा कि मोदी जी पद्मासन नहीं करते, सही है क्योंकि आज पूरा देश शीर्षासन कर रहा है। पूरे देश को परेशान करके रखा हुआ है। आपको हिंदुस्तान के बारे में मालूम नहीं है। देश की संस्कृति की समझ नहीं है।

वहीं कांग्रेस के हमलों पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि कांग्रेस केवल देश को गुमराह कर रही है। पहले भारत बंद, आक्रोश रैली, तीन चार बार पीएम को परेशान करने की कोशिश की, फिर संसद नहीं चलने दी अब लोगों के बीच जाने को कह रहे हैं तो जायें। लोगों ने हाल ही में हुए म्युनिसिपिल पार्टी के चुनाव में अपनी राह दिखा दी है।